Monday, July 19, 2010

गीता कॉलोनी का ऑटो चालक राजिंदर और उसकी कमाई

किराए की सूची दिखाता राजिंदर । लेख और सभी फोटो : संदीप शर्मा
राजिंदर ने अपना ऑटो कुतुब मीनार के बाहर खड़ा किया था। खुद फुटपाथ पर बैठा था। हाथ में ऑटो रिक्शा संघ द्वारा जारी किराये की सूची थी। उसको समझने की कोशिश कर रहा था। राजिंदर उस सूची को बार-बार देखता है। उसे हर समय अपने पास रखता है। किराया बढ़ने की खुशी उसके चेहरे पर साफ झलक रही थी। लेकिन थोड़ी मायुसी भी थी। वो इसलिए कि उसका मालिक भी भाड़ा बढ़ाने की बात कर रहा है। राजिंदर ने भाड़े पर ऑटो लिया है।

एटा का रजिंदर दो साल से दिल्ली की सड़कों पर ऑटो चला रहा है । ऑटो किराये में हाल ही में हुई वृद्धि से उसकी दैनिक आमदनी में करीब 50 रुपये का उछाल आया है । पहले एक दिन में 150 रुपये तक की कमाई होती थी लेकिन अब लगभग 200 रुपये एक दिन में बन जाते है । जिस दिन राजिंदर का ऑटो एक दिन में करीब 100 किलो मीटर चलता है उस दिन उसे 600 की आमदनी हो जाती है । इसमें से 300 रुपये ऑटो मालिक को देने होते है, 70 रुपये की सीएनजी, 30 रुपये खाना-पीना और बचा 200 रुपये वो मुनाफा । राजिंदर कहता है कि अगर 200 रुपये की दिहाड़ी शाम तक बन जाती है तो मांगने की जरूरत नहीं पड़ती ।